Yoga For Fertility: बेबी प्लानिंग करने में आ रही है परेशानी, तो इन योगासन से बूस्ट करें अपनी फर्टिलिटी

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yoga for fertility in Hindi
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Yoga For Fertility: आधुनिक जीवनशैली के चलते हमारे स्वास्थ पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। गलत लाइफ स्टाइल के कारण ना सिर्फ गंभीर समस्याओं के शिकार हो रहा हैं, बल्कि इससे महिला और पुरुष के प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ रहा है। गलत खानपान और जीने के तरीके में गतिहीनता इन समस्याओं के प्रमुख कारण हो गए हैं। (Yoga For Fertility) इस स्थिति में जब कपल्स बेबी प्लानिंग करते हैं, तो उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। डॉक्टर की सलाह लेने पर डॉक्टर कपल्स को खानपान और जीवनशैली सुधारने की सलाह देते हैं। ताकि कम जटिलताओं के साथ जल्द ही गर्भ धारण हो सके।  प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए फर्टिलिटी योगा भी काफी अच्छा माना जाता है। हालांकि, इन योगासन से गर्भधारण की गारंटी तो नहीं दे सकते, लेकिन नियमित रूप से इन योगासन के अभ्यास से निश्चित रूप से गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है।

क्या है फर्टिलिटी योग? (What is Fertility Yoga)

फर्टिलिटी योग कुछ चयनित योग पोज़ है, जिससे शरीर तनाव मुक्त होता है। इसके साथ ही इन (Yoga For Fertility) योग से ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। इससे आंतरिक स्वास्थ्य को मजबूती मिलती है और बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन करता है और गर्भवती होने की संभावना को बढ़ाता है।

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इन योग के फायदे (Benefits of Yoga)

  • फर्टिलिटी योगासन से पेट के निचले हिस्स में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे प्रजनन प्रणाली उत्तेजित होती है।
  • प्रवाहक पोषक तत्वों को प्रजनन अंगों तक पहुंचाने का काम अच्छे से करती है।
  • यह पेल्विक भाग की ओर परिसंचरण को अच्छा करता है, जिससे अंतःस्रावी तंत्र या एंडोक्राइन सिस्‍टम को नियमित होता है।
  • इस प्रकार इन योगासन से प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में हमें मदद मिलती है।

फर्टिलिटी योगा पोज़ (Fertility Yoga Poses)

भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama)

  • सबसे पहले आराम से ब्रजासन की स्थिति में बैठ जाएं।
  • इसके बाद अपनी आंखे बंद कर लें।
  • अपने दोनों कानों को अंगूठे की मदद से बंद करें।
  • तर्जनी उंगली को अपनी आईब्रो पर रखें और नाक को अन्य उंगिलयों से दबाएं।
  • इसके बाद सांस लेते हुए मधुमक्खी की तरह गुनगुनाएं।
  • कम से कम 10 से 20 बार इस योग का अभ्यास करें।

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पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana)

  • अपने पैरों को फैलाते हुए जमीन पर आराम से बैठ जाएं।
  • इसके बाद अपने हाथों को जांघ पर रखें।
  • अब सांस लेते हुए अपने हाथों को सिर के ऊपर उठाएं।
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे झुकें और अपने पैरों को हाथों की उंगलियों से छूने की कोशिश करें।
  • इस दौरान अपनी पीठ को सीधा रखें और सिर को घुटनों के पास लाएं।
  • 5 सेकंड तक इसी स्थिति में रूकें और फिर सामान्य स्थित में आ जाएं।

हस्तपादासन (Hastapadasana)

  • इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले खड़े हो जाएं और अपनी पीठ को सीधा रखें।
  • इसके बाद अपने पैरों को मिलाएं।
  • फिर एक गहरी सांस लेते हुए अपने हाथों को उठाएं और 180 डिग्री का लाइन बनाएं।
  • इसके बाद सांस छोड़ते समय आगे झुकें और अपने पैरों की उंगलियों को छूने की कोशिश करें।
  • इस दौरान अपनी पीठ को सीधा रखें। करीब 10 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।
  • इसके बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

बद्ध कोणासन (Baddha Konasana)

  • इस आसन को करने के लिए अपने पैरों को सीधा रखते हुए बैठें।
  • इसके बाद अपने घुटनों को विपरीत दिशा में मोड़ें, ताकि पैरों के तलवे एक दूसरे से सामने आपस में जुड़ जाएं।
  • इसके बाद दोनों हाथों से अपने पैरों की उंगलियों को पकड़ें और अपने करीब लाएं।
  • अप पैर पकड़ते हुए अपने जांघों और घुटनों को तितली की पंखों की तरह ऊपर-नीचे करें।
  • इस तरह गति को धीरे-धीरे बढ़ाएं और धीरे-धीरे कम करें।
  • इस योगासन से आप अपनी जांघों को फैला हुआ महसूस करेंगे।
  • इसके बाद अपने पैरों को सामान्य स्थिति में लाएं।

भुजंगासन (Bhujangasana)

  • इस आसान को करने के पिए पेट के बल लेट जाएं।
  • अब अपने पैरों को मिलाएं और हाथ को आराम से रखें।
  • इसके बाद अपने हाथों पर दबाव डालें और अपने पीठ को ऊपर उठाने की कोशिश करें।
  • इसे करीब 10 से 15 सेकंड तक करें। इसके बाद सामान्य स्थिति में वापस आ जाएं।

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