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Stretching Exercise: मसल टेंशन को करना है दूर, करें ये सिंपल से 3 स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज

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Best Stretching Exercise
Best Stretching Exercise

(Stretching Exercise) लंबे समय तक एक ही पॉजिशन में काम करने या फिर बैठने से मसल्स टेंशन हो जाता है। इसके कारण हमारे शरीर की हड्डियां और मसल्स काफी सख्त हो सकते हैं। इस दर्द को कम करने या फिर इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए अपने टेंशन को रिलीज करना बहुत ही जरूरी हो जाता है। चलिए जानते हैं कैसे कुछ सिंपल स्ट्रेच (Stretching Exercise) से मसल्स टेंशन को दूर किया जा सकता है।

सिट एंड रोटेट (Sit and Rotate)

सिट एंड रोटेट का मतलब है बैठें और अपने शरीर को घुमाएं। आप इस सिंपस से स्ट्रेच को रोज का काम खत्म करने के बाद आसानी से कर सकते हैं। चलिए जानते हैं इसके करने का सही तरीका-

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  • सबसे पहले फर्श पर बैठ जाएं और फिर अपने दोनों पैरों को सामने फैला लें।
  • फिर आप अपने दाहिने घुटने को मोड़ते हुए अपने बाएं पैर के ऊपर लाएं।
  • इसके बाद अपने दाहिने हाथ को पीठ के पीछे ले जाएं और फिर इसे दाहिने घुटने के पास ले जाने की कोशिश करें।
  • अब अपने बाएं हाथ को अपने दाहिने घुटने के ऊपर से ले जाते हुए पैरों के बीच से बाहर निकालें और अपने दूसरे हाथ को पकड़े।
  • इसके बाद सिर को दाहिनी ओर पीछे देखने के लिए मोड़े।
    कुछ सेकंड के लिए रुकें और फिर नॉर्मल पोजिशन में वापस आ जाएं।
    इसे आप कम से कम 10 बार जरूर दोहराएं।

नी-टू-चेस्ट मूव (Knee to Chest Move)

नी-टू-चेस्ट मूव का मतलब है आपको अपने घुटने को अपनी छाती के पास लाना होगा। इस स्ट्रेच (Stretching Exercise) को करना भी बहुत ही आसान है। चलिए जानते हैं इसे करने का सही तरीका-

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  • सबसे पहले आप जमीन पर लेट जाएं, फिर अपने पैरों को सीधा फैला लें।
  • फिर अपने एक पैर को मोड़ते हुए अपने घुटने को छाती के पास लाएं।
  • इसके बाद दूसरे पैर को भी इसी तरह अपनी छाती के पास लाएं।
  • अब आप अपने हाथों का इस्तेमाल करके अपने घुटनों को पकड़ें।
  • फिर अपनी छाती को छूने की कोशिश करें।

लोअर बैक रोटेशन (Lower Back Rotation)

लोअर बैक रोटेशन में आपको अपने शरीर के निचले हिस्से को मोड़ना होगा। चलिए जानते हैं करने का सही तरीका-

  • इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर सीधा लेट जाएं।
  • इसके बाद आप अपने हाथों को फैला लें।
  • फिर अपने घुटनों को हल्का सा मोड़ें।
  • अब आप अपने घुटनों को मोड़कर अपने हिप्स और पैरों को पहले बाईं ओर ले जाएं और गर्दन को दाईं ओर मोड़ें।
  • शरीर का निचला हिस्सा मोड़ते समय कोशिश करें कि आपका घुटना जमीन को छुए।
  • फिर इसे दूसरी ओर दोहराएं।
  • ध्यान रखें कि आप जिस ओर शरीर को मोड़ रहे हों, आपकी गर्दन उसके अपोजिट डायरेक्शन रहे।

रोजा में प्यास और भूख से बचने के लिए सहरी में खान-पान का रखें ख्याल, डायट में शामिल करें ये फूड्स

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Best Diet Foods in Ramadan
Best Diet Foods in Ramadan

रमजान का महीना शुरू हो चुका है। इस पाक महीने में लोग रोजा रखते हैं। गुरुवार को चांद का दीदार होने के बाद लोगों ने शुक्रवार से रोजा रखना शुरू कर दिया है। लेकिन लॉकडाउन के कारण लोगों को रोजा रखने में दिक्कत आ सकती है। वहीं, इस दौरान रोजा रखने वालों को अपने डायट का विशेष ख्याल रखना जरूरी है। क्योंकि इन दिनों गर्मी भी ज्यादा होती है, इसके साथ-साथ कोरोना वायरस का प्रकोप भी काफी बढ़ रहा है। ऐसे में रमजान के मौके पर अपना विशेष ख्याल रखें। चलिए आज जानते हैं सहरी में हमारा कैसा डाइट होना चाहिए-

तेल और नमक का कम करें इस्तेमाल

रमजान के मौके पर सहरी में तेल में फ्राई की हुई चीजों से दूर रहें। इसके साथ ही अपने खाने में नमक का इस्तेमाल कम करें। ज्यादा नमक खाने से प्यास लगती है। क्योंकि नमक खाने से शरीर में सोडियम का लेवल बढ़ जाता है, जिसे एडजस्ट करने के लिए पानी की जरूरत होती है। वहीं, फ्राइड चीजें खाने से भी बार-बार प्यास लगती है। इसलिए अपने डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करें, जिसमें नमक और तेल का इस्तेमाल कम हो।

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दही, लस्सी और छाछ का करें सेवन

इस महीने में गर्मी का काफी बढ़ जाती है। इसलिए समय गर्मी से छुटकारा पाने के लिए दही, छाछ, लस्सी जैसी चीजों का सेवन करें। ये आहार आपके शरीर को ठंडा रखता है, इसके साथ ही इनके सेवन से प्यास कम लगती है। इन्हें प्रोबायोटिकआहार माना जाता है। मलतब इसके सेवन से आंत में हेल्दी बैक्टीरिया बढ़ते हैं। साथ ही आपका खाना आसानी से पचता है।

पानी से भरपूर ये फल अंत में खाएं

सहरी के दौरान सॉलिड खाने की तुलना में तरह और पानी युक्त फलों और सब्जियों का सेवन करें। अभी आपको कई ऐसे फल आसानी से मिल जाएंगे, जिसमें प्राकृतिक रूप से पानी की अधिकता होती है। इनके सेवन से आपके शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व मिलते है। इससे आपके शरीर को पानी की आवश्यकता ज्यादा नहीं होती है। पानी से भरपूर फलों में – तरबूज, खीरा, ककड़ी, खरबूजा, संतरे का जूस, अंगूर, अनार इत्यादि शामिल हैं। इन सभी के सेवन से आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी।

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फाइबयुक्त आहार का करें सेवन

सहरी में आपको फाइबर युक्त आहार को शामिल करना चाहिए। फाइबरयुक्त आहार जल्दी पचता नहीं है, जिससे आपको काफी देर तक भूख नहीं लगती है। गर्मी में लंबे समय तक भूखे रहना मुश्किल होता है। इसलिए अपने डाइट में इन फूड्स को शामिल करें। हरी सब्जियां, कच्चे फल, मोटे अनाज, कॉर्न, ओट्स, लेग्यूम्स, होल-व्हीट ब्रेड, होल-व्हीट पास्ता इत्यादि हाई फाइबरयुक्त आहार हैं।

लॉकडाउन में चेहरे पर लाएं निखार, घर में तैयार करें टर्मरिक गोल्ड फेशियल

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Women Homemade Facial
Women Homemade Facial

Skin Care Tips: हल्दी सेहत और खूबसूरती दोनों के लिए ही काफी अच्छा होता है। हल्दी का इस्तेेमाल (Benefits of Turmeric) कई वर्षों से दवाइयों और सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है। कई लोग हल्दी का इस्तेमाल एंटीसेप्टिक के रूप में करते हैं। अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए महिलाएं भी हल्दी का इस्तेमाल करती हैं। किसी भी प्रकार के फेसपैक जैसे-मुल्तानी मिट्टी, दही और बेसन के साथ हल्दी का इस्तेमाल इस्तेमाल किया जाता है, ताकि चेहरे पर निखार लाया जा सके। अगर आप चाहते हैं कि

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लॉकडाउन के समय में अगर आप चाहते हैं कि आपके चेहरे पर निखार बनी रहे, तो इसके लिए आप घर पर हल्दी से गोल्ड फेशियल (Homemade Gold Facial) बनाएं। इस फेशियल (Facial) को चेहरे पर अप्लाई करने से आपका चेहरे पर ग्लो आने के साथ साथ चेहरा बेदाग भी होगा।

घर पर तैयार करें टर्मरिक गोल्ड फेशियल ( Homemade Turmeric Gold Facial)

सबसे पहले चेहरे को करें क्लीन

फेशियल करने के लिए सबसे पहले अपने फेस के लिए क्लिंजर तैयार करें। क्लिंजर तैयार करने के लिए दो चम्मच दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाएं। इसके बाद रुई से पूरे चेहरे पर इसे लगाएं और अच्छी तरह से साफ करें। बाद में चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धो लें।

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स्क्रब करें तैयार

क्लिंजर के बाद स्क्रब तैयार करें। स्क्रब बनाने के लिए एक चम्मच सूजी लें। इसमें चुटकी भर हल्दी का पाउडर, कच्चा दूध और शहद मिलाएं। दूध की जगह आप चाहें, तो गुलाब जल भी मिला सकते हैं। इन सभी चीजों को अच्छी तरह से मिक्स करें। तैयार हुए स्क्रब को अपने चेहरे पर लगाएं और चेहरे की अच्छी तरह से मसाज करें। चेहरे पर मसाज करने के बाद, एक तौलिया लें। इस तौलिए को गर्म पानी में भिगाएं और इससे अपने चेहरे पर स्टीम दें। इसके आप अपने चेहरे को इस तौलिए से साफ करें। ऐसा करने से चेहरे पर निखार आता है।

नेचुरल क्रीम से करें मसाज

स्क्रब करने के बाद नेचुरल क्रीम से चेहरे की अच्छी तरह से मसाज करें। इसके लिए घर में जमी थोड़ी दही लें। इस दही में बादाम का तेल और थोड़ी हल्दी लें। इसे अच्छी तरह से मिक्स करें। इसके बाद इससे अपने चेहरे की अच्छी तरह से मसाज करें। करीब 4 से 5 मिनट तक मसाज करने के बाद चेहरे को पानी से साफ कर लें।

फेसमास्क करें तैयार

अब फेसमास्क तैयार करें। फेसमास्क तैयार करने के लिए आधा चम्मच बेसन लें। इसमें थोड़ी हल्दी, दूध और शहद मिलाएं। इन सभी चीजों को अच्छी तरह से मिक्स करें। इन चीजों को अच्छी तरह से मिक्स करें। अब इस पैक को 15 मिनट तक के लिए चेहरे पर लगाएं। अब नॉर्मल पानी से चेहरे को साफ कर लें। चेहरा साफ करने के बाद चेहरे पर मॉइश्चराइचर क्रीम लगाएं।

फेशियल करने के बाद इन बातों का रखें ख्याल

  • हल्दी फेशियल करने के बाद धूप में बाहर ना निकलें।
  • कोशिश करें कि रात में ही फेसपैक लगाएं। रात के समय पैक लगाना काफी अच्छा माना जाता है।
  • पैक बनाने के लिए घर पर तैयार हल्दी का इस्तेमाल करना काफी अच्छा माना जाता है।

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दुखद घटनाओं के सदमें से नहीं निकल पा रहे हैं बाहर? कहीं आप तो नहीं हो गए हैं इस गंभीर समस्या के शिकार

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Post traumatic Stress disorder symptoms
Post traumatic Stress disorder symptoms

Post-traumatic Stress disorder: हर व्यक्ति के जीवन कोई ना कोई दुखद घटना घटती है। जिसे भूलना व्यक्ति के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। कभी व्यक्ति का आर्थिक नुकसान, कभी किसी प्रियजन की मृत्यु जैसी घटनाएं होती हैं। इन घटनाओं से व्यक्ति काफी टूट जाता है। हालांकि, ये घटनाएं कितनी भी दुखद क्यों ना हों, लेकिन व्यक्ति समय के साथ इन बुरी घटनाओं को धीरे-धीरे भूलकर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी व्यक्ति होते हैं, जो इन घटनाओं को भूल नहीं पाते और बार-बार इन्हीं घटनाओं को याद करते रहते हैॆ। ऐसे लोग इन घटनाओं को लेकर कई दिनों तक उदास रहते हैं। इन लोगों को सदमें से बाहर निकालना काफी मुश्किल हो जाता है।

व्यक्ति के इसी समस्या को ‘पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर’ (Post-traumatic Stress disorder) कहते हैं। कई अध्ययन में इस बात का खुलासा किया गया है कि दंगों और युद्ध से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोग इस मानसिक स्थिति से अधिक पीड़ित होते हैं। रिसर्च में बताया गया है कि व्यक्ति के मस्तिष्क का खास हिस्सा हिप्पोकैंपस है, हमारी भावनाओं (Emotion) को कंट्रोल करने में हमारी मदद करता है। जिन लोगों के हिप्पोकैंपस का आकार छोटा होता है, वे व्यक्ति पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के जल्दी शिकार हो सकते हैं। चलिए आज हम जानते हैं पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में-

किन वजहों से बढ़ता है पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर का खतरा?

कई कारणों से पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर बढ़ सकता है। पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर होने के कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से इसकी परेशानी अधिक बढ़ती है। उन कारणों में शामिल है-

  • लंबे समय से सदमे में रहना।
  • भावुक (Emotional) महसूस करना।
  • मिलिट्री या कोई अपने किसी अन्य पेशे के कारण हमेशा परेशान रहना।
  • हमेशा दोस्तों और अपनी फैमली से पॉजिटिव रिस्पॉन्स रखना।
  • एंग्जाइटी और डिप्रेशन की परेशानी।
  • मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम से पीड़ित परिवार में रहने की वजह।
  • पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (Post-traumatic Stress Disorder) से अगर ब्लड
  • रिलेशन में कोई पीड़ित है तो ऐसी स्थिति में PTSD का खतरा ज्यादा होता है।

जीवनशैली में बदलाव के कारण पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर जैसी परेशानी हो सकती है। PTSD की सम्या बढ़ने के पीछे निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

  • बचपन में परिवार द्वारा नजरअंदाज किए गए बच्चे पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के शिकार हो सकते हैं।
  • कॉम्बैट एक्सपोजर।
  • शारीरिक आघात हुआ हो।
  • डराया या धमकाया गया व्यक्ति हो।

इसके अलावा कई अन्य ऐसी घटनाएं भी हैं, जिसकी वजह से व्यक्ति PTSD की समस्या के शिकार हो सकते हैं। जैसे- कार दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा, अपहरण, विमान दुर्घटना, आतंकवादी हमला या फिर ऐसी ही कोई अन्य घटनाओं की वजह से व्यक्ति पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (Post-traumatic Stress Disorder) के शिकार हो सकते हैं।

पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के लक्षण (Symptoms of Post-traumatic Stress disorder)

  • उन्हीं घटनाओं के बारे में सोचना।
  • दुखद घटनाओं के दृश्य बार-बार याद आना।
  • नींद में चौंकना।
  • दुर्घटना के अनुभवों को बार-बार महसूस करना।
  • सपनें में भी उन्हीं घटनाओं को लेकर रोना।
  • नींद, भूख और प्यास में कमी।
  • दोबारा ऐसी घटना होने की आशंका रहना।
  • छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान होना।
  • नकारात्मक मनोदशा।

उपचार (Treatment of Post-traumatic Stress Disorder)

  • पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर ( Post-traumatic Stress Disorder ) से पीड़ित मरीजों में नींद की कमी अधिक होती हैं। ऐसे मरीजों को भूख नहीं लगती है। मनोवैज्ञानिकों द्वारा इन मरीजों को साइकोथेरेपी दी जाती है। इसके साथ-साथ मरीजों को कुछ दवाइयां भी देते हैं।
  • सपोर्टिव टॉक थेरेपी यानी सकारात्मक बातचीत से भी ऐसे मरीजों का मनोबल बढ़ाया जाता है।
  • इसके साथ ही मनोवैज्ञानिक कुछ खास रिलैक्सेशन एक्सरसाइज भी कराते हैं। ताकि मरीजों को मेंटल ट्रॉमा से बाहर निकाला जा सके।
  • मनोवैज्ञानिकों द्वारा उपचार और काउंसलिंग के बाद आप मरीज में सकारात्मक बदलाव देख सकते हैं।

आपकी इन 9 आदतों की वजह से बढ़ता है मोटापा, जल्द ही करें बदलाव

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these 9 habits increase fat
these 9 habits increase fat

Bad Habits of Weight Gain: मोटापा आज के समय में मुख्य समस्या हो चुकी है। बढ़ते मोटापे के कारण कई तरह की बीमारियों हो सकती हैं, (Bad Habits of Weight Gain) इसमें हृदय रोग, हाई ब्लडप्रेशर, कैंसर, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, फैटी लिवर, सेक्स सम्बंधित रोग, पाचन तंत्र सम्बंधित रोग, इसके अलावा डिप्रेशन जैसी समस्याएं शामिल हैं।

(Bad Habits of Weight Gain) मोटापा कई कारणों से होता है, जैसे – हाइपोथायरायडिज्म, पीसीओडी, गलत-खानपान, अधिक कैलोरीयुक्त भोजन करना, जंक फूड्स का सेवन करना, शरीर को एक्टिव ना रखना, हार्मोंन्स अनियमितताओं इत्यादि के कारण शरीर में चर्बी बढ़ती है। इन बढ़ते वजन को आप प्राकृतिक तरीके से कम कर सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं, जिससे आप अपने बढ़ते वजन को आसानी से कम कर सकते हैं।

बढ़ते फैट को कम करने के लिए अपने आहार में करें बदलाव

स्वस्थ वजन और बीमारियों से बचने के लिए हमें अपने आहार में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने होते हैं। इसके लिए हमें बैलेंस्ड डायट लेना बहुत ही जरूरी होता है।

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  • भोजन करना ना छोड़ें।
  • अपने भोजन को 3 बड़े और 3 छोटे भागों में बांटे।
  • दिन की शुरुआत जलजीरा या फिर नींबू पानी के साथ करें। इसके बाद भीगे बादाम और अखरोट खाएं।
  • नाश्ते में सुबह प्रोटीनयुक्त भोजन आहार लें। जैसे-चना, बेसन मिक्स चीला, पनीर का सैंडविच इत्यादि
  • दोपहर और रात के खाने में इस बात का ध्यान रखें कि आपकी थाली में एक चौथाई हिस्सा अनाज का हो। एक चौथाई हिस्सा प्रोटीन का हो, बाकी का बचा हुआ हिस्सा हरी सब्जियों से युक्त होना चाहिए। इसके अलावा आप खाने के साथ में दही ले सकते हैं।
  • दिन के आहार में फल, भुने चने, कद्दू के बीच, अंकुरित चाट, भूने मखाने, चिया सीड्स खाएं। इसके साथ आप ग्रीन टी ले सकते हैं।

अपने इन आदतों को बदलें

अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन तेजी से घटे, तो इसके लिए अपनी आदतों में बदलाव करें।

ओवर ईटिंग से बचें

बहुत से ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें एक बार में ही खूब खाने की आदत होती है। ऐसे में मोटापा काफी बढ़ता है। अगर आप भी इस आदत के शिकार हैं, तो इसे फौरन बदल लें।

मीठे से करें तौबा

अगर आप मीठा खाने के शौकीन हैं, तो इस आदत को तुरंत बदल लें। गुड़, चीनी, केक, मिठाई जैसी चीजों में हाई कैलोरी होती है, जो आपके वजन को काफी तेजी से बढ़ा सकती है। अगर आपको मीठा खाने की क्रेविंग होती है, तो मिठाईयों के बदले आप फल खा सकते हैं।

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ज्यादा मीठे फलों से बनाएं दूरी

सीमित मात्रा में फल का सेवन सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन अगर आप बहुत अधिक मीठे फल का सेवन करते हैं, तो इसका असर उल्टा हो सकता है। वहीं, कुछ ऐसे फल होते हैं, जो बहुत ही अधिक मीठे होते हैं, इन फलों को ज्यादा ना खाएं। जैसे- लीची, चीकू, केला, शरीफा इत्यादि

शराब ना पीएं

एल्कोहल पीने वालों का भी वजन काफी तेजी से बढ़ता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 1 एमएल एल्कोहल में कैलोरी का मात्रा 7 होती है। शरीर में एक्स्ट्रा कैलोरीज से हमारा वजन तेजी से बढ़ता है।

जंक फूड्स को कहें ना

जंक फूड्स जैसे- पिज्जा, बर्गर, मैगी, पास्ता, बिस्किट्स, नमकीन, कैच अप, चिप्स, जैम-जेली जैसे फूड्स के सेवन को ना कहें। इन फूड्स में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। इस वजह से इन चीजों के सेवन से हमारा वजन तेजी से बढ़ता है। इसके साथ इन चीजों के सेवन से वाटर रिटेंशन भी होता है।

एक ही जगह पर लंबे समय तक ना बैठें

आज के दौर में अधिकतर लोग लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठकर काम करते हैं। वजन बढ़ने का ये एक प्रमुख कारण है। अगर आप भी एक ही जगह पर बैठकर काम करते हैं, तो ये आदल बदल लें। काम करते वक्त बीच-बीच में उठकर टहलने की कोशिश करें।

खाते समय गैजेट्स से बनाएं दूरी

गैजेट्स आज के समय में हमारे दिनचर्या में शामिल हो चुका है। ऐसे में कोशिश करें कि खाते वक्त गैजेट्स से दूर रहें। गैजेट्स के साथ भोजन करने से हमारा सारा ध्यान उसपर होता है। इस कारण ओवरईटिंग के आसार बढ़ जाते हैं। जिससे मोटापा होता है। इसके साथ ही पाचन संबंधी समस्याएं भी पैदा होती हैं।

लिक्विड कैलोरी का ना करें सेवन

लिक्विड कैलोरी यानि पेप्सी, को, लिम्का, जूस इत्यादि मीठे ड्रिंक्स का सेवन खाने के साथ या फिर खाने के बाद ना करें। इनके बदले आप नमकीन छाछ, नींबू पानी, सादा निम्बू पानी इत्यादि चीजें शामिल कर सकते हैं। फलों के जूस के बदले आप साबुत फल को खाने की आदत डालें। इससे शरीर को कैलोरीज कम और फाइबर अधिक मिलता है।

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