प्लाज्मा थेरेपी से भारत में हुआ कोरोना वायरस का सफल इलाज, जानें कैसे करता है काम

Plasma Therapy Treatment

कोरोना वायरस का प्रकोप दुनियाभर में काफी तेजी से फैलता जा रहा है। इसी बीच तमाम मरीजों और डॉक्टर्स के लिए प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) ने आशा की उम्मीद जगाई है। दरअसर, भारत में कोरोना वायरस से गंभीर रूप से पीड़ित 49 वर्षीय व्यक्ति का प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) से सफल इलाज किया गया। इसके बाद से डॉक्टर में इस वायरस से निपटने की उम्मीद जगी है। सबसे खासबात ये है कि इस थेरेपी के जरिए मरीज को सिर्फ चार दिनों के अंदर ठीक किया है। चलिए जानते हैं आखिर कैसे काम करती है प्लाज्मा थेरेपी-

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कैसे काम करती है प्लाज्मा थेरेपी?

कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति का शरीर जब संक्रमण को हराने में कामयाब हो जाता है, तो ऐसे उस व्यक्ति का शरीर एंटीबॉडी के रूप में काम करने लगता है। संक्रमंण से ठीक हुए इस व्यक्ति की इम्यूनिटी पावर कु समय के लिए या फिर कुछ-कुछ केस में अधिक समय के लिए काफी मजबूत हो जाती है। ऐसे में उस व्यक्ति के बॉडी के इम्युनिटी सेल्स से प्रोटीन उत्सर्जित होने लगता है, जो उसके शरीर के प्लाज्मा सेल्स में पाया जाता है।

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प्लाज्मा सेल्स, ब्लड में थक्का जमाने का कार्य करती है। इस थेरेपी को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि प्लाज्मा थेरेपी से एक साथ कई लोगों को ठीक किया जा सकता है। इस थेरेपी से उन व्यक्तियों का इलाज किया जाता है, जिसमें संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

चीन में हो चुका है इस थेरेपी का इस्तेमाल

चीन का वुहान शहर कोरोना वायरस का जन्मदाता माना जाता है। फिलहाल खबर सामने आ रही है कि चीन इस वायरस से पूरी तरह छुटकारा पा चुका है। चीन का कुछ दिनों पहले इस कोरोना वायरस के कारण बुरा हाल था। ऐसे में खबरें सामने आई थीं कि चीन में प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया गया है। चीन के शंघाई राज्य में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज को ठीक करने के लिए सबसे पहले प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया गया। यहां के डॉक्टर्स द्वारा उन मरीजों के प्लाज्मा सैंपल को कलेक्ट किया, जो कोरोना वायरस से पूरी तरह से ठीक हो चुके थे। इसके बाद इस सैंपल को अन्य मरीजों में डाला गया, चीन में इस थेरेपी से कई मरीजों को ठीक किया गया।

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