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Summer Skin Care Tips: खूबसूरती बढ़ाने के लिए फलों के छिलकों से बनाएं फेसपैक, टैनिंग और स्किन की कई समस्याएं होंगी दूर

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Summer Skin Care Tips
खूबसूरती बढ़ाने के लिए फलों के छिलकों से बनाएं फेसपैक, टैनिंग और स्किन की कई समस्याएं होंगी दूर

Summer Skin Care Tips: गर्मियों के सीजन में स्किन की केयर बहुत ही जरूरी है। इन दिनों गर्मी से बचाव के लिए हम फलों और सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन करते हैं। फलों और सब्जियों के सेवन से सेहत दुरुस्त हो सकती है। वहीं, स्किन केयर रुटीन में भी फलों और सब्जियों का अहम योगदान होता है। अगर आप अपनी स्किन (Skin care Tips) पर निखार लाना चाहते हैं, तो फलों का इस्तेमाल करें। पपीता और केले जैसे फलों का इस्तेमाल हम कई तरह के फेसपैक को तैयार करने के लिए करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन फलों के छिलकों से भी आप अपनी स्किन पर निखार ला सकते हैं। जी हां, आपने सही पढ़ा, स्किन की देखरेख के लिए फलों के छिलके भी असरदार हो सकते हैं। चलिए जानते हैं स्किन पर किन फलों के छिलकों का कर सकते हैं इस्तेमाल?

पपीते का छिलका (Papaya Peel for Glowing Skin)

ड्राई स्किन वालों के लिए पपीते का छिलका कारगर साबित हो सकता है। पपीते के छिलके के इस्तेमाल से आप अपने स्किन पर निखार ला सकते हैं। इसके लिए पपीते के छिलकों (Papaya Face Pack) को बारीक काटकर सूखा लें। अब इसका पाउडर तैयार कर लें। पपीते के छिलकों से तैयार इस पाउडर का इस्तेमाल आप ग्लिसरीन में मिक्स करके कर सकते हैं। इसके लिए 2 चम्मच ग्लिसरीन लें। इसमें पपीते के छिलके का पाउडर मिक्स करें। अब इसे अपने चेहरे पर लगाएं। पैक सूखने के बाद अपने चेहरे को साफ कर लें। गर्मियों में टैनिंग की परेशानी से निजात पाने के लिए आप इसमें नींबू भी मिक्स कर सकते हैं।

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आम का छिलका (Mango Peel for Skin)

स्किन से झुर्रियों को दूर करने में आम का छिलका फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए आम के छिलके (Mango Face Pack) का पेस्ट तैयार करें। अब इसे अपने मुंहासे या फिर झुर्रियों वाले स्थान पर लगाएं। इसके बाद अपने चेहरे को साफ कर लें। आप चाहें, तो आम के छिलकों को सूखाकर पाउडर तैयार करके स्टोर कर सकती हैं। जरूरत पड़ने पर इस पाउडर को Rose water के साथ मिक्स करके अपने चेहरे पर लगाएं। इससे स्किन की झुर्रियां और मुंहासे दूर हो सकते हैं।

संतरे का छिलका (Orange Peel for instant Glow)

दाग-धब्बों को दूर करने के लिए आप संतरे (Orange Face Pack) के छिलकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए संतरे के छिलकों को सूखाकर अच्छी तरह पीस लें। अब इस पाउडर को कच्चे दूध के साथ मिक्स करके अपने चेहरे पर लगाएं। पैक सूखने के बाद अपने चेहरे को ठंडे पानी से साफ कर लें। इससे आपकी स्किन पर निखार आएगा।

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नींबू का छिलका (Lemon Peel for Skin)

गर्मियों में टैनिंग की समस्या काफी लोगों को होती है। ऐसे में नींबू का छिलका (Lemon Face Pack) आपके लिए कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए नींबू के छिलकों को सूखाकर पीस लें। अब इस पाउडर को अपने पसंदीदा फेसपैक से साथ मिक्स करके अपने चेहरे पर लगाएं। इससे स्किन की टैनिंग दूर हो जाएगी।

केले का छिलका (Banana Peel for hydrant Skin)

Tanning से राहत दिलाने के साथ-साथ स्किन की अंदरुनी गंदगी को साफ करने में केले का छिलका (Banana Face Pack) कारगर हो सकता है। इसके लिए आप केले का छिलका लें। इसके अंदरुनी भाग को अपने चेहरे पर घिसें। करीब 20 मिनट बाद अपने चेहरे को ठंडे पानी से साफ कर लें। ऐसा करने से आपकी स्किन हाइड्रेट रहेगी, साथ ही आपकी स्किन पर निखार आएगा।

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कोरोना मरीजों को हो रही है एक और खतरनाक बीमारी, जानिए क्या है इसके लक्षण

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What is Mucormycosis Symptoms
कोरोना मरीजों को हो रही है एक और खतरनाक बीमारी, जानिए क्या है इसके लक्षण

Mucormycosis Covid: कोरोना की दूसरी लहर लोगों के सामने काफी बड़ी चिंता बनी हुई है। हर दिन कुछ नया सुनने को मिल जाता है। इस बीच दूसरी लहर में एक और चिंता बढ़ाने वाली बात सामने आ रही है। जी हां, कोरोना की वजह से लोग Mucormycosis नामक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे कई मामले Gujrat और Delhi में सामने आए हैं, जहां कोरोना से रिकवरी के बाद लोग म्यूकोरमाइकोसिस जैसी खतरना चपेट में आ चुके हैं।

जी हां, दिल्ली के एक अस्पताल में पिछले दो दिनों में ऐसे 6 मामले सामने आए हैं। Corona की वजह से लोग खतरनाक Fungal Infection की चपेट में आ रहे हैं। इतना ही नहीं पिछले साल भी इसकी वजह से कई लोगों की मौत हुई है। इसके कारण कई लोगों की आंखों की रोशनी गई और कुछ लोगों के नाक और जबड़े की हड्डियों को निकाला गया है।

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म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis Disease) एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसकी चपेट में आने पर मरीज को सीधे आईसीयू में भर्ती कराना पड़ता है। कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति अगर इस बीमारी की चपेट में आ जाए और उसका सही समय पर इलाज न कराया गया, तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है। पिछले साल भी कई लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इस बीमारी की वजह से कई लोगों की जान चली गई और कई लोगों को अपने आंखों की रोशनी गंवानी पड़ी। चलिए जानते हैं क्या है म्यूकोरमाइकोसिस?

म्यूकोरमाइकोसिस क्या है? (What is Mucormycosis)

म्यूकोरमाइसिस एक फंगल इंफेक्शन है। यह मरीज के शरीर में काफी तेजी से फैलता है। इस समस्या को ब्लैक फंगस भी कहते हैं। यह इंफेक्शन फेफड़ों, दिमाग और स्किन पर हो सकता है। इस बीमारी के चलते कई लोगों के आंखों की रोशनी चली जाती है। वहीं, कुछ लोगों के जबड़े और नाक की हड्डी गल चुकी है।

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म्यूकोरमाइकोसिस के लक्षण  (Mucormycosis Symptoms)

  • चेहरे के एक और सूजन
  • साइनस की दिक्कत
  • नाक के ऊपरी हिस्से पर काले घाव
  • सिर दर्द
  • सीने में दर्द
  • सांस लेने में परेशानी
  • फेफड़ों में इंफेक्शन फैलने पर खांसी
  • धुंधला दिखना
  • पेट में दर्द
  • धुंधला दिखना इत्यादि लक्षण हो सकते हैं।

कोरोना मरीजों को क्यों है खतरा (Why are corona patients at risk)

म्यूकोरमाइकोसिस की समस्या होने पर मरीजों की इम्यूनिटी काफी कमजोर होने लगती है। इम्यूनिटी कमजोर होने पर वह आसानी से किसी भी बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। कोरोना के जिन लोगों को डायबिटीज और ब्लड शुगर की परेशानी पहले से है, उन्हें यह बीमारी होने का खतरा अधिक रहता है।

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हार्ट अटैक से क्यों मर रहे हैं Corona के मरीज? जानिए Heart Attack से पहले दिखने वाले लक्षण

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Corona and Heart Attack
कोरोना से संक्रमित 50 फीसदी अस्पताल में रहने वाले मरीजों का रिकवरी के बाद हार्ट डैमेज हुआ है।

Corona and Heart Attack: कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से हॉस्पिटल में लोगों को जगह नहीं मिल रही है। इसकी वजह से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। हालांकि, इस बारे में हेल्थ अथॉरिटीज का कहना है कि कोरोना के 80 फीसदी मरीजों को अस्पताल में एडमिट करने की आवश्यकता नहीं है। कोरोना के मरीज घर में ही टेलीकंसल्टेशन की मदद से ठीक हो सकते हैं। लेकिन ऐसा करने से कई साइड-इफेक्ट्स भी देखे गए हैं। कोरोना से लंबे समय तक इंफेक्टेड होने की वजह से कई लोगों के हार्ट डैमेज हुए हैं। हाल ही में मशहूर टीवी चैनल के पत्रकार रोहित सरदाना (Rohit Sardana) की भी इसी कारण मृत्यु हुई है। रोहित काफी लंबे समय से कोरोना से संक्रमित थे। जिसके बाद हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।

ऑक्सफोर्ड जर्नल ने हाल ही में एक रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना से संक्रमित 50 फीसदी अस्पताल में रहने वाले मरीजों का रिकवरी के बाद हार्ट डैमेज हुआ है। ऐसे में रिकवरी होने के बाद भी हार्ट रेट चेक करना जरूरी हो गया है। इसे अनदेखा करना जानलेवा साबित हो सकता है।

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इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस शरीर में इंफ्लेमेशन को ट्रिगर करता है, जिससे हमारे दिल की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इसके कारण हमारे दिल की धड़कनों की गति प्रभावित होने लगती हैं। साथ ही ब्लड क्लॉटिंग की समस्या भी असामान्य रूप से होने लगती है।

कब हो सकता है हार्ट फेल? (When heart Fail Occurs)

किसी भी व्यक्ति का हार्ट फेल तब होता है, जब उसके दिल की मांसपेशियां ब्लड को उतनी तेजी से पंप नहीं कर पाती हैं, जितनी की उसको जरूरत होती है। (Relationship between corona and heart attack) इस स्थिति में संकुचित धमनियां और हाई ब्लड प्रेशर की वजह से दिल पर्याप्त रूप से पंपिंग नहीं कर पाता है। इन समस्या के कारण मरीज की हालत बिगड़ने लगती है। सही समय पर इलाज नहीं कराया गया, तो हार्ट अटैक आ सकता है।

हार्ट अटैक के लक्षण (Heart Attack Symptoms)

अगर कोरोना से संक्रमित होने के बाद आपको छाती में हल्का सा भी दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा अगर आपको संक्रमित होने से पहले या बाद में हार्ट डिसीज हुआ है, तो अपना इमेजिंग टेस्ट कराएं। इससे आपको पता चल सकेगा कि आपके दिल की मांसपेशियां कितनी प्रभावित हुई हैं। ये हल्के लक्षण वाले मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

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इसके अलावा कई मरीजों को गंभीर लक्षण दिख सकते हैं। कोरोना की वजह से कई लोगों को क्रॉनिक हार्ट मसल्स वीकनेस, लो हार्ट इजेक्शन फ्रैक्शन और कार्डिएक एनलार्जमेंट जैसी समस्या हो सकती है। कोविड मरीजों का कार्डियोमायोपैथी करना अधिक खतरनाक हो सकता है। इसलिए हार्ट फेलियर का खतरा ज्यादा हो सकता है।

इसके अलावा अगर आपको कमजोरी, दिल में इंफ्लेशन, ब्लड प्रेशर जैसी समस्या है, तो डॉक्टर से उचित सलाह लें। इससे आपकी समस्या समय रहते ठीक हो सकती है।

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वजन को तेजी से कम करे खीरा Detox Water, जानिए बनाने की विधि और अन्य 5 फायदे

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Cucumber Detox

Detox water: गर्मी के सीजन में खीरा का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। इस समय बाजार में भी बहुत ही आसानी से खीरा मिल जाते हैं। खीरा का सेवन करने से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ती है। साथ ही इससे आपका शरीर लंबे समय तक हाइड्रेट रहता है। खीरा का सेवन आप कई तरह से कर सकते हैं। अधिकतर लोग खीरा सलाद के रूप में खाते हैं। इसके अलावा खीरा डिटॉक्स वॉटर (Cucumber detox water) का सेवन भी आप गर्मी के सीजन में कर सकते हैं। गर्मी के मौसम में डिटॉक्स वॉटर पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है। इससे शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं। साथ ही इससे आपका वजन भी कंट्रोल में रहता है। इतना ही नहीं डिटॉक्स वाटर पीने से मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा, पाचन में सुधार और स्किन हेल्दी हो सकती है।

आपको बता दें कि खीरे में कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है। लेकिन इसमें पानी और सॉल्युबल फाइबर की अधिकता होती है, जो वजन को कंट्रोल करने में असरदार होता है। आज हम आपको इस लेख में खीरा डिटॉक्स वॉटर बनाने की विधि और इससे सेहत को होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। चलिए जानते हैं खीरा डिटॉक्स पीने से सेहत को होने वाले फायदे-

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कैसे बनाएं खीरा डिटॉक्स वॉटर (How to make cucumber detox water)

  • आवश्यक सामाग्री
  • पानी -8 कप
  • खीरा – 2 पतले कटे हुए
  • सेंधा नमक – ½ चम्मच

खीरा डिटॉक्स वॉटर बनाने की विधि (Cucumber detox water recipe)

  • सबसे पहले एक जार लें। इसमें कटे हुए खीरे और नमक डालें।
  • इसके बाद जार में 8 कप पानी भलें।
  • अब जार को कवर करके 4 घंटे के लिए रख दें।
  • सुबह खाली पेट इस पानी को पिएं।
  • ध्यान रहे कि एक बार तैयार किया गया डिटॉक्स वॉटर सिर्फ 3 दिन ही इस्तेमाल करें।

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खीरा डिटॉक्स वॉटर पीने के फायदे (Benefits of cucumber detox water)

ब्लड प्रेशर को करे कम

शरीर में नमक की अधिकता और पोटेशियम की कमी होना ब्लड प्रेशर की निशानी होती है। शरीर में अधिक नमक होने से हाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना है। पोटेशियम एक इलेक्ट्रोलाइट की तरह कार्य करता है, जो हमारी किडनी में सोडियम की मात्रा को कंट्रोल करने में हमारी मदद करता है। खीरा डिटॉक्स वॉटर (Benefits of cucumber detox water) का सेवन करने से शरीर में पोटेशियम की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में यह ब्लड प्रेशर को कम करने में असरदार है।

शरीर को रखे हाइड्रेट

संयुक्त राज्य कृषि विभाग (USDA) मुताबिक, शरीर को हेल्दी बनाए रखने के लिए शरीर को पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। महिलाओं को एक दिन में 2.2 लीटर यानि 9 कप पानी पीना चाहिए। वहीं, पुरुषों को एक दिन में 3 लीटर यानि 13 कप पानी की आवश्यकता होती है। अगर आप काफी गर्म तापमान में रहते हैं या फिर काफी एक्सरसाइज करने से आपको पसीना ज्यादा आता है, तो पानी की मात्रा बढ़ा सकते हैं। खीरे डिटॉक्स वॉटर पीने से शरीर में होने वाली पानी की कमी दूर रहती है। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए गर्मी में खीरा डिटॉक्स वॉटर जरूर पिएं।

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एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

खीरा डिटॉक्स वॉटर में विटामिन सी, मैंगनीज, बीटा कैरोटीन, मोलिब्डेनम (molybdenum) और कई अन्य फ्लेवोनोइड एंटीऑक्सीडेंट (several flavonoid antioxidants) मौजूद होते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट डायबिटीज, कैंसर, भूलने की बीमारी, नेत्र विकृति (eye degeneration) और दिल से जुड़ी बीमारियों को दूर रखमे में असरदार साबित हो सकता हैं।

हड्डियों को करे मजबूत

नियमित रूप से खारी का सेवन करने से शरीर को भरपूर विटामिन के मिलता है। विटामिन के की मदद से शरीर में प्रोटीन बनने की क्षमता बढ़ती है, जो हड्डियों और उत्तकों के साथ-साथ ब्लड स्ट्रोक के खतरे को कम करने में आपकी मदद करता है। हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम के साथ-साथ विटामिन के की भी आवश्यकता होती है। ऐसे में खीरा डिटॉक्स वॉटर आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है।

वजन करे कम

बाहर में मिलने वाले ड्रिंक्स में हाई कैलोरी और शुगर की अधिकता होती है। ऐसे में अगर आप इन ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, तो आपका वजन बढ़ सकता है। खीरा डिटॉक्स वॉटर में जीरो कैलोरी होती है। इस पानी का सेवन करने से अतिरिक्त कैलोरी को घटाया जा सकता है। ऐसे में खीरा डिटॉक्स वॉटर पीने से आपका वजन काफी तेजी से घटता है।

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क्या आप भी कोरोनाकाल में करने जा रहे हैं शादी? तो इन 5 जरूरी बातों का रखें ख्याल

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Marriage in Corona Pandemic
Marriage in Corona Pandemic: कोरोनाकाल में करने जा रहे हैं शादी? तो इन 5 जरूरी बातों का रखें ख्याल

दुनियाभर में कोरोना का खौफ फैला हुआ है। कोरोना से फैल रह खौफ की वजह से कई लोगों ने अपने जरूरी प्रोग्राम्स रद्द कर दिये हैं। कई हेल्थ एक्सपर्ट और सरकारों का कहना है कि अगर कोरोना से खुद को सुरक्षित रखना है, तो घर से जितना हो सके बाहर न जाएं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में संपूर्ण लॉकडाउन लग चुका है। इसके अलावा लोगों को कोरोना से बचने के लिए कई तरह की हिदायतें दी जा रही हैं। जैसे- बार-बार हाथ धोएं, मास्क जरूर पहनें, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें, हाइजीन का ख्याल रखें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इम्यूनिटी का मजबूत होना भी बहुत ही जरूरी हो चुका है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई जगह पर शादियां रद्द कर दी गई हैं। लेकिन कुछ लोग कोरोना माहौल (Wedding in Corona Pandemic) के बीच भी शादी कर रहे हैं। अगर आप भी कोरोना में शादी का विचार बना रहे हैं, तो इन जरूरी बातों का ख्याल रखना न भूलें।

वेन्यू हो साफ-सुथरा (Neat and Clean Event Venue)

कोरोनाकाल में अगर आप शादी का प्लान कर रहे हैं, तो सबसे पहले वेन्यू देखें। इस समय कोरोना से बचाव के लिए हाइजीन मेटेंन करने की जरूरत है। कोरोनाकाल में हो रही शादी में काफी कम लोग आते हैं। ऐसे में वेन्यू छोटा चुनें, लेकिन साफ-सुथरा रहे। साथ ही सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करें।

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फंक्शन्स घर पर ही करें (Perform Function at Home)

शादी में कई तरह के फंक्शन्स होते हैं। जैसे- मेहंदी, हल्दी, संगीत इत्यादि। इन फंक्श्स को बाहर करने के बजाय घर में करें। घर में आप हाइजीन का विशेष ख्याल रख सकेंगे। साथ ही कम से कम मेहमानों को बुलाएं। घर में फंक्शन्स करने से आप इसका अच्छे से लुफ्त उठा सकेंगे।

मेहमानों की लिस्ट (Guest List)

शादी हर एक व्यक्ति के लिए काफी खास मौका होता है। ऐसे में हम शादी पर अधिक से अधिक मेहमानों को बुलाना भी चाहते हैं। (Wedding Guidelines) लेकिन आप इस वक्त ये न भूलें कि आप कोरोनाकाल में शादी कर रहे हैं। गेस्ट लिस्ट को सोच समझकर तैयार करें। इस समय सिर्फ ऐसे लोगों को ही बुलाएं, जो आपके बेहद करीबी हों। ज्यादा भीड़ इकट्ठा न करें। ज्यादा भीड़ होने से न सिर्फ आप परेशान होंगे, बल्कि आपके यहां आए लोग भी परेशान हो सकते हैं।

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केटरिंग में फूड्स कैसा हो? (Catering Foods)

कोरोना महामारी दौर में खानपान का विशेष ख्याल रखना चाहिए। ऐसे में शादी वाले केटरिंग का चुवाल करते समय काफी सोचें और समझें। आप अपने हिसाब से वही केटरिंग बुक करें, जो साफ-सफाई का ध्यान रखते हों। इसके अलावा सेल्फ सर्विस काउंटर्स का इंतजान करें। अगर आप चाहें, तो मेहमानों को खुले में खाना देने के बजाय पैक्ड फूड्स भी दे सकते हैं। यह हाइजीन की दृष्टि से काफी बेहतर साबित हो सकता है।

सैनिटाइजर और मास्क (Sanitizers and Masks)

मौजूदा हालातों में शादी होना अपने आप में बहुत ही बड़ी बात है। शादी के चक्कर में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को भूलने की गलती न करें। भले ही आप अपनी शादी में खाने का काउंटर कम लगाएं, लेकिन सैनिटाइजर और मास्क का काउंटर जरूर लगाएं। ताकि जो लोग फेसमास्क न पहनें, तो उन्हें काउंटर से लेकर पहनाया जा सके। साथ ही हर एक कोने को बार-बार सैनिटाइज करने की कोशिश करें।

शादी का माहौल खुश करने और खुशियां बांटने के लिए होता है। इस माहौल में आपकी एक छोटी सी गलती लोगों के लिए बड़ी मुसीबत हो सकती है। इसलिए कोरोनाकाल में शादी करने का प्लान करने से पहले शादी को साफ-सुथरा कैसे बनाएं, उस बात का ख्याल विशेष रूप से रखें।

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कोविड वैक्सीन लेने से पहले और बाद में जरूर खाएं ये फूड्स, वैक्सीन साइड-इफेक्ट से होगा बचाव

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covid 19 foods
कोविड वैक्सीन लेने से पहले और बाद में जरूर खाएं ये फूड्स, वैक्सीन साइड-इफेक्ट से होगा बचाव

Covid 19 Foods: कोरोना महामारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन लाखों की संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं। साथ ही इस महामारी की वजह से हर दिन हजारों लोगों की मौत हो रही है। कोरोना तांडव के बीच वैक्सीन लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। देश में अबतक 45 से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दिया जाता है, लेकिन 1 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए 28 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू किया जा चुका है। वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में कई सारे सवाल हैं? जैसे – वैक्सीन लेने के बाद शरीर में किस तरह के लक्षण दिखेंगे? वैक्सीन लेने के बाद किस तरह का डाइट होना चाहिए? इत्यादि। इस तरह के कई सवाल लोगों के जहन में हैं।

एक्सर्ट की मानें तो कोरोना वैक्सीन लेने के बाद आपके शरीर में हल्के-फुल्के लक्षण दिख सकते हैं। जैसे- बुखार, बदन दर्द, खांसी, उल्टी इत्यादि ये लक्षण सामान्य हैं। लेकिन अगर गंभीर लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। (Covid 19 Foods) इस बारे में हार्वर्ड न्यूट्रीशियन मनोचिकित्सक डॉ. उमा नायडू ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर के पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट के जरिए डॉक्टर नायडू का कहना है कि वैक्सीन लेने के बाद शरीर में दिखने वाले साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए हमें अपने डाइट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। डॉक्टर नायडू का कहना है कि वैक्सीन लगने से पहले और बाद में अपने खाने पर खासतौर पर ध्यान दें। इस दौरान अपने डाइट में इन 5 चीजों को जरूर शामिल करें।

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A post shared by Uma Naidoo, MD (@drumanaidoo)

हरी सब्जियां

डॉक्टर नायडू का कहना है कि वैक्सीन लेने के बाद अपने आहार में हरी सब्जियां जरूर लें। हरी सब्जियों में आप केल (Kale), ब्रोकली, पालक जैसी सब्जियों को शामिल कर सकते हैं। हरी सब्जियों में एंटीइफ्लेमेटरी गुण होता है, जो शरीर में होने वाले सूजन को कम कर सकता है। साथ ही इससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

ब्लू बैरीज

डॉक्टर नायडू का कहना है कि वैक्सीन लेने की तैयारी अगर आप कर रहे हैं, तो अपने डाइट में ब्लू बैरीज को शामिल करना न भूलें। ब्लू बैरीज के सेवन ने सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है। दही या फिर अन्य चीजों के साथ आप ब्लू बैरीज का सेवन कर सकते हैं। आपको बता दें कि ब्लू बैरीज एक बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर की तरह कार्य करता है।

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प्याज

वैक्सीन लेने के बाद प्याज का सेवन अधिक से अधिक करें। गर्मियों में प्याज लू से बचाव करती है। साथ ही इससे इम्यून पावर भी बूस्ट होता है। प्याज में मौजूद प्रोबायोटिक्स गुण वायरस और फ्लू से बचाव करता है। इसलिए वैक्सीन लेने के बाद अपने इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने वाले आहार का अधिक से अधिक सेवन करें।

लहसुन

वैक्सीन लेने से पहले और बाद में अपने आहार में लहसुन को शामिल करें। लहसुन में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और कॉपर की प्रचुरता होती है। लहसुन के ये सभी औषधीय गुण इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का कार्य करती है। साथ ही आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पूरा कर सकती है। इसलिए वैक्सीन लेने के बाद अपने आहार में लहसुन जरूर शामिल करें।

हल्दी

हल्दी के गुणों से आप काफी अच्छी तरह से वाकिफ होंगे। डॉ. नायडू भी वैक्सीन लेने वाले लोगों को हल्दी खाने की सलाह देती हैं। उन्होंने कहा कि हल्दी खाने से शारीरिक सूजन कम होता है। इसमें सूजन को कम करने का गुण भरपूर रूप से मौजूद है। इसके सेवन से मानसिक स्ट्रेस दूर हो सकता है। इसलिए इस समय अपने आहार में हल्दी को जरूर शामिल करें।

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Fact Check: पीरियड्स के 5 दिन पहले या बाद में नहीं लगाना चाहिए वैक्सीन? जानिए क्या है इस वायरल पोस्ट की सच्चाई

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Corona Vaccination Fact Check

कोरोनावायरस का कहर तेजी से फैल रहा है। इससे भी कहीं ज्यादा रफ्तार से सोशल मीडिया पर कई फेंक खबरें और दावे भी शेयर किए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक है पीरियड्स होने से पांच दिन पहले और पांच दिन बाद कोविड-19 वैक्सीन नहीं लेना चाहिए। आपको बता दें कि यह दावा तब से जोरों पर है, जब से सरकार द्वारा ऐलान किया गया है कि 1 मई के बाद से 18 साल से अधिक उम्र के लोग वैक्सीन लगवा सकते हैं। इस खबर के सामने आते ही लोगों के मन में काफी शांति है, क्योंकि पूरी दुनिया वैक्सीन को कोरोना से लड़ने में प्रवाभी मान रही है। इस बीच ये खबर लोगों के सामने आशा की किरण बनकर आई थी, लेकिन जैसे ही पीरियड्स वाला दावा लोगों के पास पहुंचा, तो कई महिलाओं का मनोबल टूट गया। क्या इस वायरल हो रहे दावे में सच्चाई है? चलिए जानते हैं इस बारे में-

पोस्ट में क्या किया गया है दावा?

सोशल मीडिया पर हम में से कई लोगों के पास एक पोस्ट आया होगा, जिसमें लिखा गया है कि “1 मई से 18+ लोग वैक्सीन लगा सकते हैं। मई शुरू हो रहा है, इसलिए महिलाओं को अपने पीरियड्स डेट चेक कर लेने चाहिए। क्योंकि महिलाएं पीरियड्स के 5 दिन पहले और 5 दिन बाद तक वैक्सीन नहीं लगवा सकती हैं। यह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। वायरस पोस्ट का दावा है कि अगर महिलाएं इस दौरान वैक्सीन लगवाती हैं, तो इससे उनकी समस्याएं बढ़ सकती हैं। क्योंकि पीरियड्स के दौरान महिलाओं की इम्यूनिटी काफी कमजोर होती है। वहीं, वैक्सीन की डोज आपके इम्यूनिटी को और अधिक घटा देती है। इसलिए पीरियड्स में वैक्सीन लगाने से कोरोना अटैक का खतरा ज्यादा होता है। इस वायरस पोस्ट में मैसेज को अपने दोस्तों, भाई-बहन और रिश्तेदारों में की भी बात की जा रही है।

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क्यों लोग मान रहे इस दावे को सच?

हम में से कई लोगों को पहली नजर में यद दावा बिल्कुल सही लग सकता है। क्योंकि पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जैसे-पेट में दर्द, मरोड़, गैस इत्यादि। इन समस्याओं की मुख्य वजह हार्मोनल बदलाव है, ना कि इम्यून सिस्टम का कमजोर होना। ऐसे में वैक्सीन लगाने से आपके शरीर को किसी तरह से कोई नुकसान नहीं हो सकता है।

PIB फेक्ट चेक ने वायरस पोस्ट को बताया फर्जी

वायरस हो रहे इस पोस्ट को न सिर्फ डॉक्टर्स फर्जी बता रहे हैं, बल्कि सरकारी संस्था PIB की फेक्ट चेक टीम भी इसे फर्जी बता रही है। PIB फेक्ट चेक ने ट्वीट किया है कि सोशल मीडिया पर कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर एक फर्जी पोस्ट सर्कुलेट किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं को पीरियड्स के 5 दिन पहले और 5 दिन बाद में वैक्सीन न लगाने के लिए कहा जा रहा है। इस तरह के पोस्ट और अफवाहों पर ध्यान न दें। 1 मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसके लिए cowin.gov.in पर 28 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होने जा रहा है।

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पूरा विश्व कोरोना की मार झेल रहे है। इस दौरान फैल रहे भ्रम, डर, फर्जी दावे और फेंक पोस्ट से खुद को निराश न होने दें। सोशल मीडिया पर आपको कई ऐसे पोस्ट मिल जाएंगे, जो लोगों के मनोबल के साथ खिलवाड़ करते हैं। लेकिन इस तरह की बातों से डरे नहीं। अगर आपके सामने इस तरह की खबरें या फिर पोस्ट आते हैं, तो उसे अच्छे से चेक करें और अपने किसी एक्सपर्ट की राय लें। इस तरह के पोस्ट को सच मानकर डरें नहीं।

भारत ही नहीं पूरा विश्व इस समय कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है। भ्रम फैलाने वाले लोग, लोगों के डर और चिंता का फायदा उठाकर बहुत सारे फर्जी पोस्ट और दावे इस समय वायरल कर रहे हैं। इंटरनेट पर अगर आपको ऐसा कुछ मिलता है, जिसके दावे पर आपको शक हो रहा है या आप कंफ्यूज हैं, तो वो पोस्ट ओनलीमायहेल्थ को भेजिए। ओनलीमायहेल्थ की टीम आपको सेहत और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी वेरिफाइड जानकारियां पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम ऐसे पोस्ट का फैक्ट चेक करेंगे और आप तक सच्चाई पहुंचाएंगे। तो इस आर्टिकल को अपने जानने वालों को शेयर कीजिए और उन्हें इस भ्रम से बाहर निकालिए कि पीरियड्स के दौरान वैक्सीन लगवाना खतरनाक है।

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भारत में मिला Triple Mutant Variant जानिए किस राज्य में है इसका असर

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Triple Mutation Variant
क्या भारत में कोरोना का हैं Triple Mutation Variant ? जानिए क्या है ये और कितना है लोगों के लिए संक्रामक

भारत में कोरोना का कहर दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। कोरोना के बढ़ते केस की वजह से चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। पिछले 24 घंटे में 3 लाख से भी अधिक मामले सामने आ चुके हैं। कोरोना के बढ़ते केस के पीछे का जिम्मेवार कोविड-19 का डबल म्यूटेशन वाला वेरिएंट बताया जा रहा है। लेकिन आपको बता दें भारत में सिर्फ डबल म्यूटेशन वाले कोरोना वेरिएंट नहीं, बल्कि ट्रिपल म्यूटेशन (Triple Mutation Variant) वाले वेरिएंट ने भी दस्तक दे दी है। देश के सामने यह एक और बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।

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ट्रिपल म्यूटेशन का मतलब कोरोना के तीन अलग-अलग स्ट्रेन को मिलकर बना एक नया वेरिएंट। भारत के कुछ हिस्सों में ट्रिपल म्यूटेशन वेरिएंट (Triple Mutation Variant in India) मिलने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। खबरों के अनुसार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना के ट्रिपल म्यूटेंट वायरस मिले हैं। इस मामले में वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत में तेजी से कोरोना के बढ़ते मामलों का जिम्मेवार वेरिएंट ही हैं। दरअसल, वायरस जितना ज्यादा फैलता है, वह उतना ही अपना नई कॉफी बनाता है। ऐसे में वायरस के लक्षणों में कई तरह के बदलाव भी देखे जाते हैं।

ट्रिपल म्यूटेशन क्या है? (What is Triple Mutation)

भारत में पहले लगातार कोरोना का डबल म्यूटेशन वाला वेरिएंट मिला था। इसका मतलब यह है कि कोरोना के दो अलग-अलग स्ट्रेन मिल गए हों। लेकिन अब ट्रिपल म्यूटेशन वेरिएंट भी मिलने की खबरे सामने आ रही हैं। यानि अब तीन अलग-अलग स्ट्रेन एक साथ मिल गए हैं।

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ट्रिपल म्यूटेशन कहां मिला? (Where did you find the Triple Mutation?)

खबरों के अनुसार, दिल्ली, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में ट्रिपल म्यूटेशन वेरिएंट मिले हैं।

क्या ट्रिपल म्यूटेशन संक्रामक है? (Is Triple Mutation contagious?)

इस बारे में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस में म्यूटेशन की वजह से न सिर्फ भारत में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, बल्कि इससे पूरी दुनिया के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन अभी ट्रिपल म्यूटेशन के वेरिएंट की जांच नहीं की गई है। ऐसे में यह लोगों के लिए कितना घातक होगा, इसके बारे में कहना मुश्किल है। अभी इसपर और अधिक रिसर्च की जरूरत है। बता दें कि कोरोना के डबल म्यूटेंट वेरिएंट से न सिर्फ युवा प्रभावित हुए, बल्कि इस वायरस ने नवजात शिशुओं को भी अपनी चपेट में ले लिया है। ऐसे में ट्रिपल म्यूटेशन और अधिक घातक होने की संभावना जताई जा रही है।

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Summer Recipe: गर्मी में बनाए ओट्स से ये हेल्दी और चिल्ड रेसिपी, सेलेब्रिटी डायटीशियन से जानें इसकी विधि

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Summer Recipe
Oats Summer Recipe

Summer Recipe: दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की डायटीशियन पूजा माखिजा अक्सर अपने फैंस के साथ फिटनेस और डाइट टिप्स शेयर करती हुई नजर आती रहती हैं। इन दिनों पूजा अपने फैंस के साथ कई समर रेसिपीज शेयर कर चुकी हैं। हाल ही में डायटीशियन पूजा माखिजा ने एक और समर रेसिपी शेयर (Oats Recipe For Summer) की है, तो स्वाद के साथ-साथ हेल्थ को बेहतरीन बनाने में असरदार साबित हो सकता है। पूजा माखिजा ने यह रेसिपी ओट्स (Chilled Oats Recipe by Pooja Makhija) से तैयार की है। चलिए जानते हैं इसे बनाने की विधि-

ओट्स समर रेसिपी (Chilled Oats Recipe for Hot Summer)

आवश्यक सामाग्री

ओट्स – 1/3 कप ओट्स
चिया सीड्स – 1 टीस्पून
दालचीनी पाउडर – 1/2 टीस्पून
वनीला एसेंश – 1/2 टीस्पून
सफेद नमक – 1 चुटकी
बादाम मिल्क – आधा कप

बनाने की विधि

सबसे पहले एक पैन में सभी सामाग्री को डालें। इसके बाद इसमें बादाम मिल्क डालें। सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करें और तबतक पकाएं, जब तक बादाम मिल्क पूरी तरह से सूख न जाए। इसके बाद इसे एक कटोरी लें। इस कटरी में थोड़ा सा तेल या फिर कोई नॉन स्टिक लगाएं और तैयार सामाग्री को इस कटोरी में डालें और इसे ढककर फ्रिज में पूरी रात के लिए रख दे।

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सुबह इसे फ्रिज से निकाल लें। इसके बाद एक कटोरी दही में 1/2 टीस्पून दालचीनी पाउडर और मैपल सीरप मिलाएं। इसके बाद कटोरी में रखे चिल्ड ओट्स को एक प्लेट में रखें और इसके ऊपर मिक्स दही को डालें। लीजिए आपकी होट समर ओट्स रेसिपी तैयार है। इस चिलचिलाती गर्मी में आप इसका स्वाद चख सकते हैं।

 

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समर ओट्स रेसिपी के फायदे (Summer Oats Recipe Benefits)

वजन होगा कम (Weight Loss)

चिया सीड्स और ओट्स में फाइबर की अधिकता होती है, जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा रख सकती है। भूख कंट्रोल होने से हमारे शरीर का वजन खुद-ब-खुद कम होता है।

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ब्लड शुगर करे कंट्रोल (Control Blood Sugar)

इस रेसिपी में दालचीनी पाउडर को एड किया है, जो आपके शरीर में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का कार्य करती है।

पाचन के लिए बेहतर

दही हमारे पाचन के लिए काफी बेहतर साबित होती है। अगर आप गर्मी में इस रेसिपी का सेवन करते हैं, तो आपको पेट संबंधी समस्या नहीं होगी। साथ ही आपका पाचन दुरुस्त होगा।

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Lancet Report का चौंकाने वाला दावा, हवा से फैल रहा है Coronavirus

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Lancet Report on Coronavirus
Can Coronavirus spread though air as per Lancet Report

Lancet Report on Covid19: कोरोना महामारी को लेकर दुनिया के सबसे सम्मानित मेडिकल जनरल में शामिल लैंसेट ने कोरोना वायरस को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है। लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 मुख्य रूप से हवा के जरिए फैल रहा है। इस रिपोर्ट को अमेरिका, इंग्लैंड और कनाडा के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किय गया है। (Lancet Report) रिपोर्ट पेश करने वाले एक्सपर्ट के मुताबिक, कोरोना हवा के जरिए फैलने का यह अर्थ है कि कोविड-19 संक्रमण सिर्फ मरीज के खांसने या फिर छींकने से नहीं फैलता, बल्कि उसके बोलने, चिल्लाने, गाने, सांस छोड़ने से भी फैल सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यही वजह है कि कोरोना इतनी तेजी से अपना पैर पसार रहा है।

हवा के जरिए मुख्य रूप से फैल रहा है कोविड-19

अबतक के हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा यही कहा जा रहा था कि कोरोना वायरस फैलने की मुख्य वजह संक्रमित व्यक्ति का खांसना और छींकना है। यानी खांसते और छींकते वक्त निकले ड्रॉपलेट्स के कारण या फिर संक्रमित सतह को छूने की वजह से कोरोना वायरस फैलता है। लेकिन लैंसेट की रिपोर्ट के अनुसार, यह मान्यता तथ्यों पर आधारित नहीं है कि कोरोना सिर्फ ड्रॉपलेट्स की वजह से फैलता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना फैलने की मुख्या वजह हवा है, न कि किसी व्यक्ति का खांसने या छींकने वाले ड्रॉपलेट्स

कोरोना को फैलने से रोकने के लिए बनानी होगी नई रणनीति

लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक, महामारी रोकने के लिए अपनाए जा रहे उपाय बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि सिर्फ पुराने उपायों से कुछ नहीं होगा। बल्कि अब पुराने उपायों के साथ-साथ कोरोना महामारी को रोकने के लिए नई रणनीति बनाने की आवश्यकता है। नई रणनीति को तैयार करने के लिए अब ज्यादा देर नहीं लगनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार हाथ धोना, सतहों को न छूना और खांसते वक्त कपड़ा मुंह पर रखना जैसी बातों का ध्यान हमें आज भी रखने की आवश्यकता है। लेकिन इसके साथ-साथ ऐसे उपायों को ढूंढने की आवश्यकता है, जिससे हवा में फैल रहे इंफेक्शन को रोका जा सके।

लैंसेट की रिपोर्ट (Lancet Report) में शामिल हुए वैज्ञानिक जोसे लुई जिमेनेज़ का कहना है कि कोरोना हवा के जरिए फैलता है, इस बात के कई सबूत मिले हैं। लेकिन कोरोना का संक्रमण ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलता है, इसके सबूत न के बराबर मिले हैं। जिमेनेज़ का कहना है कि वर्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन एवं अन्य हेल्थ एजेंसियों को अब जल्द से जल्द अपनी रणनीति में सुधार करने की आवश्यकता है। कोरोना हवा से फैलता है, इस बात को स्वीकार करने में ज्यादा वक्त न गवाएं और इसे रोकने के उपाय खोजना बेहद जरूरी हो चुका है।

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बता दें कि लैंसेट की रिपोर्ट में कई ऐसे कारण बताए गए हैं, जिससे यह साबित होता है कि कोरोना हवा के जरिए फैलता है। जैसे-

कोविड से संक्रमित व्यक्ति जब अस्पताल में होता है, तो उसके बगल के कमरों या फिर बिल्डिंग के डॉक्टर्स और अन्य कर्मचारी भी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।हवा और एयरफिल्टर में कोरोना वायरस का संक्रमण मिला है। इसके अलावा रिपोर्ट में कई कारण बताए गए हैं।

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